-प्राथमिक–जूनियर स्कूलों में मशीनों के लिए बजट की मांग, खराब मशीनें होंगी ठीक
कर्णप्रयाग। बायोमीट्रिक हाजिरी अनिवार्य होने के चलते वेतन से वंचित रहे जूनियर और प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों का वेतन जारी कर दिया गया है। साथ ही प्राथमिक व जूनियर स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनें लगाने के लिए बजट की मांग की गई है और जिन माध्यमिक स्कूलों में मशीनें खराब हैं, उन्हें जल्द ठीक किया जाएगा। जिले में वेतन निर्गत के लिए बायोमीट्रिक हाजिरी अनिवार्य किए जाने के कारण प्राथमिक और जूनियर के करीब 1300 स्कूलों में तैनात शिक्षकों को दिसंबर का वेतन नहीं मिल पाया था। प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन के जिला मंत्री मुकेश नेगी के अनुसार इन स्कूलों में करीब 2200 से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं। वहीं जिले के लगभग 20 प्रतिशत माध्यमिक स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनें खराब हैं जबकि प्राथमिक और जूनियर स्कूलों में मशीनें ही नहीं हैं। शिक्षकों ने इसे अव्यावहारिक व्यवस्था बताते हुए वेतन जारी करने की मांग की थी। राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रकाश चौहान और पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप भंडारी ने भी वेतन निर्गत करने और खराब मशीनों को ठीक करने की मांग उठाई थी। मुख्य शिक्षाधिकारी चमोली श्रीकांत पुरोहित ने बताया कि प्राथमिक और जूनियर स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनों के लिए बजट की डिमांड भेज दी गई है। बजट और निर्देश मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं लगभग 20 प्रतिशत माध्यमिक स्कूलों में खराब मशीनें जल्द ठीक कर दी जाएंगी। जिलाधिकारी के आदेश के बाद सभी शिक्षकों का वेतन जारी कर दिया गया है।