ग्रामीणों ने कहा- पिछले वर्ष आपदा में क्षतिग्रस्त हुई थी केदारबगड़ से डुंग्री तक सड़क
सुधारीकरण कार्य सितंबर के बाद करने को कहा, सहमति नहीं बनने पर फिलहाल रुका काम
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। बीते बरसात से बदहाल बनी केदारबगड़ से डुंग्री (सोल घाटी) सड़क सुधारने के लिए पीएमजीएसवाई ने दूसरी बरसात शुरू होने पर मशीनें भेजीं जिस पर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई और काम रोक दिया। ग्रामीणों ने सुधारीकरण कार्य सितंबर के बाद करने को कहा। मगर विभाग ने काम कराए जाने की बात कही। फिलहाल काम रोका गया है।
बीते वर्ष अगस्त 2025 की आपदा में क्षतिग्रस्त हुई केदारबगड़ से डुंग्री सड़क के सुधार के लिए पीएमजीएसवाई को 9 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति मिली थी लेकिन जब मौसम साफ रहा तब काम नहीं किया गया। अब जब बरसात शुरू हो गई तो बृहस्पतिवार को सड़क सुधारीकरण के लिए जेसीबी भेज दी गई। इस पर ग्रामीण गुस्साए गए और काम रोक दिया। ग्रामीणों ने कहा कि यह सड़क कैरा, मैन, डुंग्री, बूंगा, गेरूड़, कोलपुड़ी और रतगांव सहित 16 गांवों की लाइफलाइन है। बरसात में डामरीकरण और दीवार निर्माण से यह खराब हो जाएगा। इसलिए अभी केवल यातायात सुचारु रखने के लिए जेसीबी तैनात की जाए। ग्रामीणों ने कहा कि इससे पहले सड़क पर सात करोड़ और तीन करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं लेकिन स्थिति जस की तस है। मौके पर पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता प्रमोद गंगाड़, सहायक अभियंता डीएस भंडारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी मांग रखी। सहायक अभियंता डीएस भंडारी ने स्पष्ट किया कि बरसात में केवल कुछ जगहों पर पहाड़ी की कटिंग की जाएगी और बाकी मुख्य कार्य बरसात के बाद ही शुरू होंगे। इस दौरान सोल विकास समिति के अध्यक्ष चरण सिंह, प्रेमशंकर रावत, केदारदत्त देवराड़ी और सरपंच पीएस फर्स्वाण सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।
13 वर्ष बाद भी नहीं सुधरी सड़क, जनप्रतिनिधियों का प्रदर्शन
अगस्त्यमुनि। गंगानगर-तिमली-पठालीधार-थाती बड़मा मोटर मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और सड़क के शीघ्र पुनर्निर्माण की मांग उठाई।
ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख जखोली नवीन सेमवाल ने कहा कि आपदा के 13 वर्ष बाद भी सड़क की स्थिति जस की तस बनी है। शासन-प्रशासन केवल डीपीआर तैयार करने तक सीमित है जबकि धरातल पर कोई ठोस कार्य नहीं दिख रहा। इस मार्ग पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। यह सड़क 80 से अधिक गांवों की आवाजाही का जरिया है। प्रदर्शन में क्षेत्र पंचायत सदस्य विपिन मैठाणी, हर्ष लाल, पुनीत डिमरी, अजीत सिंह सहित विभिन्न गांवों के जनप्रतिनिधि और क्षेत्र पंचायत सदस्य मौजूद रहे। संवाद