कर्णप्रयाग। लगातार बढ़ते तापमान के कारण गर्मी का प्रकोप जारी है जिससे लोग हीट स्ट्रोक से परेशान हैं। अस्पतालों के सामान्य चिकित्सा विभाग में ऐसे 10 से 15 प्रतिशत मरीज पहुंच रहे हैं जिनमें चक्कर आना, उल्टी, सिर और पेट में तेज दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में शरीर को ठंडा रखना बेहद जरूरी है। उपजिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. सतेंद्र कंडारी ने बताया कि हीट स्ट्रोक के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इन दिनों रोजाना उनकी ओपीडी में हीट स्ट्रोक के 15 से 20 मरीज पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही अन्य विशेषज्ञों की ओपीडी में हीट स्ट्रोक के मरीज पहुंच रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए डॉक्टरों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। दोपहर में तेज धूप या अत्यधिक गर्मी में बाहर निकलने से बचना चाहिए। बाहर निकलने पर पर्याप्त पानी पिएं। साथ ही छाते का उपयोग करें।
इंसेट के लिए-
हीट स्ट्रोक से बचाव के उपाय
कर्णप्रयाग अस्पताल के फिजीशियन डॉ. सतेंद्र कंडारी के अनुसार, हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं। दोपहर के समय जब धूप सबसे तेज होती है, तब घर से बाहर निकलने से बचें। शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए भरपूर मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थ पिएं। यदि बाहर निकलना आवश्यक हो, तो छाते या टोपी का प्रयोग करें और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें। तबीयत खराब होने या हीट स्ट्रोक के लक्षण महसूस होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।