अलकनंदा नदी को रस्सी के सहारे पार करते एनडीआरएफ के जवान।
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शनिवार रात को कार दुर्घटना में मृत बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल और भाजपा के ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष कुलदीप चौहान के शव सोमवार दोपहर को खाई से निकाले जा सके। दुर्घटनास्थल इतना खतरनाक था कि एनडीआरएफ की टीम को शव तक पहुंचने में तीन दिन लग गए। करीब 300 मीटर गहरी खाई में गिरी कार के परखच्चे उड़ गए थे। दुर्घटना के करीब 42 घंटे बाद और करीब 16 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शव खाई से निकाले जा सके।
बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष मोहन प्रसाद और कुलदीप चौहान शनिवार को कर्णप्रयाग में पार्टी की बैठक से अपने गांव तपोवन लौट रहे थे। पीपलकोटी के पास भनेरपाणी के पास उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। रात को पहाड़ी के दूसरी तरफ स्थित मठ बेमरू गांव के लोगों ने वाहन गिरते देखा तो पुलिस को सूचना दी। चमोली कोतवाली इंस्पेक्टर महेश चंद्र लखेड़ा ने बताया कि शनिवार रात को हादसे के बारे में कुछ स्पष्ट पता नहीं चल पाया। रविवार सुबह पुलिस और एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। दिनभर रेस्क्यू के बाद भी शवों तक नहीं पहुंचा जा सका। अंधेरा होने पर रेस्क्यू बंद करना पड़ा। सोमवार सुबह एनडीआरएफ ने पहाड़ी की दूसरी तरफ पहुंचकर अलकनंदा नदी के ऊपर से रस्सी डाली और रस्सी के सहारे नदी पार कर जवान पहाड़ी पर चढ़े। तीसरे दिन दोपहर तक दोनों शवों को खाई से निकाला गया और फिर रस्सी के सहारे नदी पार कराकर पीपलकोटी पहुंचाया गया। पीपलकोटी के न्यू बस स्टैंड के प्रतीक्षालय में शवों को रखा गया। इसके बाद दोनों शवों का पैतृक घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।