जिले के विभिन्न विभागों में आउटसोर्स कंपनी के माध्यम से सेवारत कर्मचारियों को हटाने पर आक्रोशित कर्मचारियों ने बाल विकास भवन परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार से रुका वेतन दिलाने और पुन: नियुक्ति की मांग की।
कर्मचारियों ने कहा कि आउटसोर्स कंपनी के जरिए चमोली जिले में 34 कर्मचारी लगाए गए थे, लेकिन सरकार ने कंपनी को काली सूची में डाल दिया। कंपनी ने किसी कर्मचारी को पांच तो किसी को नौ महीने से वेतन नहीं दिया। उनके पीएफ का पैसा भी जमा नहीं किया गया, जबकि टीडीएस के लिए 8.12 और जीएसटी के नाम पर 18 प्रतिशत वेतन से कटौती की गई। कर्मचारियों की सेवा भी समाप्त कर दी गई है। इससे वन स्टॉप सेंटर, महिला शक्ति केंद्र, राष्ट्रीय पोषण मिशन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना सहित अन्य योजनाएं अधर में लटक गई हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने कारोना महामारी के दौरान भी महत्वपूर्ण योजनाओं का बेहतर ढंग से क्रियान्वयन किया। उन्होंने शासन से उनका रुका वेतन देने और पुन: नियुक्ति की मांग की। इस दौरान जगदीश प्रसाद, मंजू खत्री, नीरज नेगी, रविंद्र सजवाण, मानवेंद्र रावत, नवीन, राहुल, केशव प्रताप, शोभा खत्री, लक्ष्मण, जगदीश कुंवर, मुकेश गौड़, गौरव मैखुरी, विनोद पुंडीर, दीपक बिष्ट, नवीन भट्ट, कलावती, कुसुमलता, रजनी नौटियाल और अजय कठैत मौजूद थे।