ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज के निर्देश पर आपदा सेवालय 1008 की ज्योतिर्मठ टीम ने आपदा प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता दी। क्षेत्र के करीब 33 पीड़ित परिवार को यह सहायता उपलब्ध कराई गई। ज्योतिष्पीठ शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बताया कि पीड़ित परिवारों के बच्चों को रोजगार उपलब्ध कराने के भी प्रयास किए जाएंगे।
ज्योतिर्मठ सूचना सेवालय के प्रमुख डा. बृजेश सती ने कहा कि सरकारी सहायता या बीमा राशि नहीं मिलने के कारण प्रभावितों को घर का खर्च चलाने के लिए एक माह के लिए यह सहायता राशि दी गई है। सोमवार और मंगलवार को टीम ने तपोवन, ढाक, बड़ागांव, रिंगी, करछौं और भर्की गांव में पीड़ित परिवारों को मदद दी। ब्रह्मचारी श्रवणानंद, शैलेश महाराज, शिवानंद, प्रवीन नौटियाल, महिमानंद उनियाल, डा. विजय शर्मा, अजीतपाल और अभिषेक बहुगुणा ने मदद धनराशि बांटी।
197 प्रभावित परिवारों को बांटी राहत सामग्री
सामाजिक संगठन कासा और जनदेश कल्प क्षेत्र भरकी उर्गम घाटी की ओर से तपोवन आपदा प्रभावित क्षेत्र में 197 प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की गई। भंग्यूल गांव के 98, करछों गांव के 28 और जुग्जू व मुरंडा के 71 परिवारों को राहत सामग्री के रूप में 10-10 किलोग्राम चावल व आटा, दो किग्रा दाल के साथ नमक, चीनी, तेल, सोलर लाइट और बिस्किट के पैकेट भी वितरित किए गए।
ग्रुप की समन्वयक कुसुम घड़ियाल, कार्यक्रम ऑफिसर वीरेंद्र प्रसाद वशिष्ठ, जनदेश सामाजिक संस्था की हेमा पंवार, कलावती शाह, देवेंद्र रावत, रघुबीर चौहान और लक्ष्मण सिंह नेगी ने राहत सामग्री दी। जनदेश के सचिव लक्ष्मण सिंह ने कहा कि आपदा क्षेत्र का विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है। आपदा से निपटने के लिए भी कारगर उपायों पर विचार किया जाएगा और इसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी।