चमोली में चीन सीमा से लगी नीती घाटी में रिलाइंस जीयो की ओर से दस मोबाइल टावर लगाए जाएंगे। जीयो की ओर से टावर लगाने का काम भी शुरू हो गया है। अब घाटी में रहने वाले भोटिया जनजाति के ग्रामीणों के साथ ही सेना के जवानों को संचार सेवा की सुविधा मिल जाएगी।
नीती घाटी में दूरसंचार की मोबाइल और बोस फोन लाइन एक साल से ठप पड़ी है। ऐसे में ग्रामीणों को एक फोन कॉल करने के लिए साठ किमी की दूरी नापकर जोशीमठ आना पड़ रहा है। सेना और आईटीबीपी के जवानों को भी अपने परिचितों से संपर्क करने के लिए सुरांईथोटा तक आना पड़ता है। जनप्रतिनिधियों की मांग पर जीयो रिलाइंस ने नीती घाटी में सुरांईथोटा से मलारी तक दस मोबाइल टावर लगाने का निर्णय लिया है। कागा-गरपक के ग्राम प्रधान पुष्कर सिंह राणा ने बताया कि रिलाइंस जीयो के अधिकारियों के सामने घाटी को संचार सेवा से जोड़ने का प्रस्ताव रखा था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। जीयो के एरिया इंचार्ज तेजेंद्र सिंह ने बताया कि मलारी तक दस मोबाइल टावर लगाने की योजना है। इसके लिए सामान पहुंचाना शुरू कर दिया है। सुकी भलगांव से टावर लगाने का काम शुरू होगा।