बाल भोग लगाया, संस्कृत महाविद्यालय के छात्रों ने स्वस्तिवाचन किया
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। बदरीनाथ धाम के रावल अमरनाथ नंबूदरी बुधवार को ब्लाॅक के डिम्मर गांव पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया। रावल ने गांव के श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर में पूजा- अर्चना की और बाल भोग लगाया। साथ ही श्री बदरीश कीर्ति संस्कृत महाविद्यालय डिम्मर के छात्रों ने स्वस्तिवाचन किया।
डिमरी पुजारियों के गांव डिम्मर में रावल अमरनाथ नंबूदरी और ज्योर्तिमठ के ब्रह्मचारी मुकुंदानंद महाराज का स्वागत किया गया। इसके बाद लक्ष्मीनारायण मंदिर में महाभिषेक पूजा हुई। दोपहर को ब्रह्मचारी मुकुंदानंद ने 56 भोग दाल चांवल, केसरी, खीर, पकौड़ी, पूरी मालपूआ मिठाइयां इत्यादि का भोग लगाकर लक्ष्मीनारायण भगवान को बालभोग लगाया। इसके बाद भक्तों को इसे प्रसाद के तौर पर वितरित किया गया। रावल अमरनाथ नंबूदरी और महंत मुकुंदानंद महाराज ने कहा कि भगवान बदरीविशाल के कपाट बंद होने के बाद डिम्मर गांव के पौराणिक लक्ष्मी नारायण मंदिर में पूजा करने का सौभाग्य मिला है। इस मौके पर बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, कमलेश भारद्वाज, डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, भास्कर डिमरी, क्षेत्र पंचायत सदस्य संदीप डिमरी, हर्षवर्धन डिमरी, गोपी डिमरी, संजय डिमरी आदि श्रद्धालु मौजूद थे।