गौचर। दशज्यूला क्षेत्र के अराध्य बिजराकोट के रावल देवता की देवरा यात्रा (बन्याथ) बेंजी, जग्गी, कांडई, इशाला गांवों से होते हुए शुक्रवार को रात्रि विश्राम के लिए सारी गांव पहुंची। यहां भक्तों ने देवता की पूजा की और महिला मंगल दलों ने मांगल गीतों के साथ देवता से खुशहाली की कामना की। गत 22 नवंबर को रावल देवता की डोली गर्भगृह से बाहर आए थे और अष्ट पुरोहितों ने तीन दिनों तक अनुष्ठान किया था। इसके बाद से रावल देवता की देवरा यात्रा अगस्त्यमुनि ब्लॉक के गांवों के भ्रमण पर है। संवाद