कर्णप्रयाग। डिम्मर गांव की ऐतिहासिक रामलीला में छठवें दिन रावण ने छल से सीता का हरण किया। सीता के वियोग में राम और लक्ष्मण के मार्मिक संवाद ने दर्शकों काे भावुक कर दिया।
शनिवार रात आठ बजे से शुरू हुई रामलीला मंचन में सूर्पनखा पंचवटी में जाकर राम-लक्ष्मण से विवाह का प्रस्ताव रखती है। राम सूर्पनखा का प्रस्ताव ठुकरा देते हैं और लक्ष्मण को उसके नाक और कान विदीर्ण करने के लिए कहते हैं। इसके अलावा सीता की खोज में राम, लक्ष्मण का व्याकुल होना, जटायु की मुलाकात आदि का मंचन किया गया। इस अवसर पर मौजूद आईसीएसएसआर, (भारतीय सामाजिक एवं अनुसंधान परिषद) रिसर्च प्रोग्राम अदिति महाविद्यालय दिल्ली विवि की निदेशक पुनीता गुप्ता, एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ. चंद्रशेखर बधानी, और रिसर्च सहायक निपुण निशांत ने बताया कि उत्तराखंड में रामलीला मंचन के इतिहास, प्रस्तुतिकरण, महिला सहभागिता का सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन किया जा रहा है। इस अवसर पर रामलीला मंडली के संरक्षक मोहन प्रसाद डिमरी, विनोद डिमरी, गजेंद्र प्रसाद डिमरी, सत्य प्रसाद खंडूड़ी, गणेश चंद्र खंडूड़ी आदि मौजूद थे। संवाद