कर्णप्रयाग। सिमली में रह रहे बाहरी राज्यों के 30 मजदूरों को बृहस्पतिवार को प्रशासन ने राशन के पैकेट बांटे। अमर उजाला में ‘राशन न मिलने पर रो पड़ी महिलाएं’ शीर्षक से खबर छपने के बाद प्रशासन हरकत में आया।
उत्तर प्रदेश और बिहार राज्यों के करीब 30 मजदूर बुधवार को सरकारी राशन मिलने की उम्मीद के साथ सिमली बाजार आए थे। जब उन्हें पता चला कि राशन नहीं बंट रहा तो वह सड़क किनारे खड़े हो गए। इनमें से कई महिलाएं निराश होकर रोने लगी थीं। उनका कहना था कि लॉकडाउन के कारण कामकाज बंद होने से उनके सामने रोटी का संकट हो गया है। और घर में बच्चे भूख से बिलख रहे हैं। अमर उजाला ने इस मसले को प्राथमिकता से उठाया।
बृहस्पतिवार को पटवारी और प्रशासन के अन्य कर्मचारी सिमली गए और उन्होंने मजदूरों का पता लगाया। नायब तहसीलदार सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि सिमली में मजदूरों को राशन के पैकेट दे दिये गये हैं। इसके अलावा कर्णप्रयाग नगर और जाख गांव में भी प्रशासन की ओर से लोगों को राशन के पैकेट बांटे गए।