लाता मंदिर परिसर में हुई बैठक, नंदा व भूमियाल देवता के अवतारी पुरुषों के आदेश पर तय हुआ कार्यक्रम
आठ दिनों तक चलने वाली यात्रा के दौरान विभिन्न गांवों में जाएगी देवी की यात्रा
ज्योतिर्मठ। लाता की मां नंदा की रानी दिवारा यात्रा 16 नवंबर से शुरू होगी। 23 नवंबर तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान देवी विभिन्न गांवों में जाकर भक्तों को आशीर्वाद देंगी। नंदा की रानी देवरा यात्रा 39 साल बाद हो रही है।
रविवार को नंदा देवी मंदिर परिसर में मंदिर समिति के अध्यक्ष दरमान सिंह रावत की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें लाता, परसारी, बड़ागांव, ढाक, रिंगी, सुभाई, सेलंग, रैणी चक लाता, सलदार व मैती गांव सलूड़, डुंगरा, डुंग्री, बरोसी के प्रतिनिधि व ग्रामीण मौजूद रहे। इस दौरान मां नंदा और लाता के भूमियाल देवता के अवतारी पुरुषों के आदेशानुसार रानी दिवारा का कार्यक्रम निर्धारित किया गया।
इस मौके पर लाता की प्रधान पूजा देवी, बड़ागांव की प्रधान बीना देवी, सेलंग की प्रधान रोशनी देवी, सलूड़ की प्रधान सुनीता देवी, सुधीर सिंह, नरेंद्र सिंह, पंकज, मुकेश चंद्र सती, रोहित रावत, नवीन सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
नंदा की रानी दिवारा कार्यक्रम
16 नवंबर को सुबह 10 बजे नंदा की डोली गर्भगृह से मंदिर परिसर में विराजमान की जाएगी। पूजा अर्चना के बाद दोपहर एक बजे डोली दिवारा भ्रमण के लिए प्रस्थान करेगी। पहले दिन रैणी गांव होते हुए सुभाई गांव में रात्रि विश्राम होगा। इस दौरान यात्रा रिंगी, ढाक, बड़ागांव, सेलंग, सलूड़-डुंग्रा, डुंग्री और बरोसी गांव पहुंचेगी। सलूड़ गांव में 19 और 20 नवंबर को विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम होंगे। 22 नवंबर को परसारी गांव में भी धार्मिक कार्यक्रम होंगे। 23 नवंबर को अपने भक्तों से विदा लेकर मां नंदा की यात्रा लाता गांव पहुंचेगी।