राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) में हटाए गए कर्मियों ने बहाली न पर 20 मई से उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
बुधवार को रमसा के कर्मी प्रदेश के शिक्षा मंत्री और जगदीशिला डोली के साथ गैरसैंण पहुंचे मंत्री प्रसाद नैथानी से मिले और उन्हें खरीखोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि सरकार और सरकार के मंत्री केवल कोरी बयानबाजी कर रहे हैं।
गंभीर सिंह बिष्ट के नेतृत्व में बुधवार को रमसा के तहत प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में काम करने वाले कर्मी एकजुट हुए और पेयजल मंत्री से मिले।
कर्मियों ने कहा कि शिक्षा विभाग के राज्य परियोजना अधिकारी की ओर से 20 मार्च को शासनादेश जारी कर करीब 1800 कर्मियों को हटा दिया गया। अब प्रदेश सरकार और सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि रमसा के कर्मियों को हटाया नहीं गया है।
उन्होंने काबीना मंत्री को खरीखोटी सुनाते हुए कहा कि ऐसे बयानों से लग रहा है कि सरकार का अधिकारियों पर कोई नियंत्रण नहीं है। काबीना मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने मामले को केबिनेट में लाने का आश्वासन दिया।
मंत्री से मिलने वालों में अखिलेश बहुगुणा, राकेश गैरोला, सुशीला कठैत, अंजू जुयाल, गोपाल बिष्ट, जगदीश पुरोहित, देवेंद्र काला और रमेश पुरोहित आदि मौजूद थे। दूसरी ओर राजकीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के ब्लाक इकाई के पदाधिकारियों ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर मांगपत्र सौंपा।