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कर्णप्रयाग। सुरभि शोध संस्थान वाराणसी की ओर से जिलासू में आयोजित नौ दिवसीय राम कथा रविवार को संपन्न हो गई है। कथा के नौवें दिन संत मोरारी बापू ने कहा कि श्रवण रूपी कान और मंद्राचल से प्रेम की उत्पति होती है। कहा, कथा का सार ही प्रेम है। इसलिए प्रेम को महारत्न बोला जाता है। कथा के समापन पर कर्णप्रयाग, लंगासू, जिलासू सहित आसपास के गांवों से हजारों भक्त पहुंचे थे। राम कथा सुनने के लिए गुजरात सहित कई अन्य राज्यों के भक्त भी नौ दिनों से यहां रूके थे। कथा के बाद लोगों ने प्रसाद गृहण किया। संत मोरारी बापू ने कहा कि अगले साल रूद्रप्रयाग में रामकथा का आयोजन करने के प्रयास किया जाएगा। भक्तों ने कथा वाचक संत मोरारी बापू की आरती की। इस मौके पर टीका मैखुरी, देवेंद्र सिंह, हरीश त्रिपाठी, सूर्यकांत जालौन, गजेंद्र सिंह आदि मौजूद थे। संवाद