गोपेश्वर। संयुक्त रामलीला मंच गोपेश्वर की ओर से आयोजित रामलीला के तीसरे दिन सीता स्वयंवर का मंचन किया गया। इन दिनों रात में कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में दर्शक रामलीला देखने पहुंच रहे हैं।
बस स्टेशन तिराहे पर चल रही रामलीला में राजा जनक के दरबार में रावण शिव धनुष उठाने का प्रयास करता है। तभी आकाशवाणी होती है कि उसकी बहन कुंभनसी को एक राक्षस उठा ले गया है जिसके बाद रावण लौट जाता है। दरबार में कोई शिव धनुष को उठा नहीं पाता है तो राजा जनक निराश हो जाते हैं। उसके बाद राम गुरु वशिष्ठ की आज्ञा लेकर धनुष पर प्रत्यंजा चढ़ाते हैं और धनुष खंडित हो जाता है। इसके बाद सीता राम के गले में वरमाला पहना देती हैं। इससे पूर्व गोपीनाथ संगीतशाला व हल्देश्वर महिला सांस्कृतिक समूह ने गढ़वाली व कुमाऊंनी लोकगीतों व नृत्यों की प्रस्तुति भी दी। इस अवसर पर मंच के अध्यक्ष अनूप पुरोहित, उपाध्यक्ष जगदीश पोरियाल, जगमोहन रावत और शिवांगी लखेड़ा आदि मौजूद रहे। संवाद