उत्तराखंड के चारों धामों को रेल मार्ग से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार की ओर सेे अब तक किए गए सर्वे में 327 किलोमीटर में से 279 किलोमीटर रेल लाइन सुरंग से होकर गुजरेगी। इस 279 किमी रेल लाइन में 61 सुरंगों और 59 पुलों से होकर रेल गंगोत्री, यमुनोत्री, बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के अंतिम पड़ावों तक पहुंचेगी।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन से ही आगे रेल लाइन का विस्तार होगा। सैकोट गांव से दो अलग-अलग लाइनें बिछाई जाएंगी। केदारनाथ को जोड़ने के लिए एक लाइन सैकोट-पोखरी-चोपता होते हुए सोनप्रयाग (99 किमी) पहुंचेगी, जबकि बदरीनाथ के लिए दूसरी लाइन सैकोट से जोशीमठ (75 किमी) तक बिछाई जाएगी। सर्वेक्षण के अनुसार 327 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित रेल लाइन पर 43 हजार 292 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान है। रेल लाइन पर 21 नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे।
इनका कहना
‘यह योजना सीमांत क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इस योजना से पहाड़ों से पलायन रुकेगा।’ महेंद्र प्रसाद भट्ट, बदरीनाथ विधायक
चारधाम रेल संपर्क के तहत गंगोत्री रेल लाइन डोईवाला से मनेरी तक 131 किलोमीटर तक बनेगी। यमुनोत्री के लिए गंगोत्री रेल लिंक से 22 किमी रेल मार्ग का निर्माण किया जाएगा। -आरके कुलश्रेष्ठ, महाप्रबंधक उत्तर रेलवे