सिवाई में प्रभावितों से वार्ता करते अधिकारी।
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अधिग्रहीत की गई भूमि का उचित मुआवजा और रेलवे में रोजगार की मांग को लेकर रेल परियोजना प्रभावित काश्तकारों ने सिवाई गांव में दूसरे दिन भी परियोजना का काम नहीं होने दिया। गुस्साए ग्रामीणों से वार्ता के लिए पटवारी और तहसीलदार पहुंचे थे, लेकिन ग्रामीणों ने उनके साथ बैठक करने से साफ मना कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती वे मानने वाले नहीं हैं।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का सिवाई में स्टेशन बन रहा है। मजदूर और मशीनें दिन-रात काम में लगी हैं। सरकार ने ग्रामीणों से रेलवे के लिए जमीन खरीदी है, लेकिन ग्रामीण रेलवे की ओर से अधिग्रहीत की गई जमीन के मुआवजे को लेकर नाराज हैं। ग्रामीणों ने कहा कि मुआवजा वितरण में समानता नहीं है। किसी क्षेत्र को ज्यादा और किसी को कम दिया जा रहा है। शुक्रवार को बैठक का बहिष्कार करने के बाद शनिवार को भी पटवारी और तहसीलदार ग्रामीणों को मनाने गए, लेकिन उन्होंने मांगे पूरी न होने तक मानने से साफ मना किया और काम नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि मुआवजा सहित प्रभावित परिवारों को रेलवे में रोजगार दिया जाए। साथ ही जिला स्तरीय अधिकारी बात करने आएं। इस मौके पर रेलवे प्रभावित संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र बिष्ट, प्रधान रेखा देवी, क्षेपंस रमेश लाल, संदीप चौहान, गौतम रावत, विनीता देवी और दिगपाल सिंह आदि मौजूद थे।