मैखोली गांव निवासी और आरआर राइफल में तैनात रहे रघुवीर अपने अंतिम क्षण तक आतंकियों से लड़ते रहे। कश्मीर के कुलगाम में हुई मुठभेड़ में रघुवीर चार आतंकियों को मार गिराने के बाद शहीद हो गए थे।
कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों के साथ हुए सेना के ऑपरेशन में रघुवीर के साथ रहे नायक मुकेश भट्ट बताते हैं कि रात भर चले ऑपरेशन में रघुवीर आतंकियों को खदेड़ने में सबसे आगे था। इस दौरान एक आतंकी सेना की ओर भागा।
आमने-सामने गोलियों की बौछार हुई तो गोली रघुवीर को भी लगी। इसके बावजूद रघुवीर सभी जवानों के साथ आपरेशन में जुटा रहा। रात भर आपरेशन चला और बाद में सेना ने पूरा आतंकी ठिकाना ही उड़ा दिया था। इसमें चार आतंकी ढेर हुए, लेकिन इस दौरान रघुवीर सहित दो जवान शहीद हो गए थे। रामगंगा के घाट पर रघुवीर को अंतिम विदाई देने पहुंचे नायक मुकेश भट्ट और सूबेदार सोहन सिंह ने बताया कि चार-पांच माह से कुलगाम सेक्टर में तैनात थे।
शनिवार को आतंकियों की घुसपैठ की सूचना मिल रही थी और सेना की पूरी यूनिट अलर्ट थी। रात नौ बजे ऑपरेशन शुरू हुआ। इस दौरान कुल सात आतंकी मुठभेड़ में रहे, जिसमें से तीन अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए, जबकि चार मारे गए। भट्ट बताते हैं पूरे ऑपरेशन में सैनिकों का केवल एक ही मकसद था कि एक भी आतंकी को बचकर नहीं जाने देना है। मुठभेड़ सुबह साढ़े चार बजे तक चली जिसमें रघुवीर शहीद हो गए।