नारायणबगड़। चिह्नीकरण से वंचित उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने नौ नवंबर को काला दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। राज्य आंदोलनकारियों का कहना है कि चिह्नीकरण से वंचित आंदोलनकारी डेढ़ दशक से सरकार से चिह्नीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की लगातार मांग करते आ रहे हैं लेकिन सरकार की ओर से उनकी चिह्नीकरण की फाइलें सरकारी दफ्तरों में धूल फांक रही हैं। चिह्नीकरण से वंचित रह गए राज्य आंदोलनकारी दलवीर सिंह रावत, खीम सिंह नेगी, सुरेंद्र सिंह नेगी, प्रदीप नेगी, गंगासिंह रावत, रणजीत सिंह रावत, रामानंद भट्ट, मनवीर सिंह बिष्ट, त्रिलोक सिंह बिष्ट आदि आंदोलनकारियों ने कहा कि सरकार उत्तराखंड राज्य की 25वीं वर्षगांठ को रजतोत्सव के रूप में मनाने जा रही है लेकिन मांग पूरी नहीं की जा रही है। उन्होंने सरकार से वर्ष 2008 के शासनादेश के तहत आंदोलनकारियों की चिह्नीकरण प्रक्रिया शुरू कर उनके साथ न्याय करने की मांग की। संवाद