प्रधान संगठन ज्योतिर्मठ ने 12 सूत्री मांगों के लेकर जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
10 दिनों से मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन का दिया अल्टीमेटम
संवाद न्यूज एजेंसी-
गोपेश्वर। निर्माणाधीन तपोवन जल विद्युत परियोजना से प्रभावित ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने चारापत्ती, रोजगार, मुआवजा समेत 12 सूत्री मांगों के लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। कहा गया कि परियोजना की निर्मात्री कंपनी एनटीपीसी की ओर से क्षेत्र में निजी व वन पंचायत की 1150 नाली भूमि को परियोजना कार्य के लिए अधिग्रहित किया गया है। मगर स्थानीय लोगों को सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। चेतावनी दी गई कि 10 दिनों में मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो एक अप्रैल से परियोजना कार्यों को बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष मोहन बजवाल के नेतृत्व में ग्राम प्रधानों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि परियोजना में 55 प्रतिशत रोजगार बाहरी राज्यों के लोगों को दिया गया जबकि कंपनी की डीपीआर में साफ उल्लेख है कि 70 प्रतिशत रोजगार प्रभावित क्षेत्र के लोगों को दिया जाएगा। एनटीपीसी की ओर से प्रभावित परिवारों को चारापत्ती का लाभ भी नहीं दिया जा रहा है जबकि टीएचडीसी की ओर से प्रभावित परिवारों को प्रति तिमाही को 15 हजार रुपये दिया जाता है। उन्होंने आवासीय भवनों को नुकसान होने पर क्षतिपूर्ति देने, नाप भूमि व फसल का मुआवजा देने, ढाक गांव के लिए पेयजल योजना का लाभ देने, रैणी आपदा में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों के एक सदस्य को स्थायी रोजगार देने सहित कई मांगें उठाईं। कहा कि पिछले एक दशक से लोग रोजगार व चारापत्ती के लिए भटक रहे हैं। मगर इस ओर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। ज्ञापन में ब्लाॅक प्रमुख अनूप नेगी, प्रधान पवित्रा देवी, विनीता देवी, सुनीता, बीना, रोशनी, कनिष्ठ प्रमुख नरेश चंद्र आदि के हस्ताक्षर मौजूद हैं।