कर्णप्रयाग/गैरसैंण। चैत्र नवरात्र पर क्षेत्र के पौराणिक मंदिरों में हो रहे अनुष्ठान में श्रद्धालु बढ़-चढ़ कर प्रतिभाग कर रहे हैं। कर्णप्रयाग के श्रीराजराजेश्वरी चंडिका मंदिर सिमली में आयोजित नवरात्र पूजन में क्षेत्र के सुंदरगांव, सेनू, कोली, पुड़ियाणी, जाख, सिमली, गैरोली आदि गांवों की महिलाएं भजन-कीर्तन से मां चंडिका की स्तुति से विश्व कल्याण की प्रार्थना कर रही हैं। वहीं उमा देवी मंदिर, जिलासू की चंडिका मंदिर, नंदा देवी मंदिर नौटी आदि मंदिर में भी अनुष्ठान हो रहा है। वहीं गैरसैंण के डुंग्री गांव में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा में कथा व्यास आचार्य नरोत्तम प्रसाद सिलोड़ी ने कहा कि जब भी त्रिभुवन पर असुरों ने अत्याचार और अनाचार किया है मां नव दुर्गा ने विभिन्न स्वरूपों में उनका संहार कर देवताओं और मनुष्यों की रक्षा की है। अनुष्ठान में पूर्व प्रधान सुरेश सिरस्वाल, राजेंद्र प्रसाद आदि ने प्रतिभाग किया। वहीं ब्लाॅक के खंसर घाटी के दिवाधार में आयोजित अनुष्ठान यज्ञ की पूर्ण आहुतियों के साथ संपन्न हो गया। संवाद