कर्णप्रयाग। वनाग्नि की घटना को रोकने और नियंत्रण के लिए आटागाड़ रेंज की ओर से आयोजित वन देवी डोली यात्रा सोमवार को ब्लॉक के सिमली और चमोला गांव पहुंची। यहां ग्रामीणों ने वन देवी डोली यात्रा का स्वागत किया गया। जहां प्रयास कला संगम मंच की ओर से ग्रामीणों को नुक्कड़ नाटक से जागरूक किया गया। आंख्यूं तें ना झुकाया, मनखी तें बतावा, वन तें बढ़ावा... से जागरूकता का संदेश दिया।
अलकनंदा वन प्रभाग की डीएफओ प्रियंका सुंडली ने कहा कि अधिकांश देवी देवताओं का वास गांवों के आसपास के जंगलों में रहता है। उन्होंने आस्था जताते हुए महिलाओं से कहा कि देवी देवताओं का स्थान सुरक्षित रहना चाहिए। वन क्षेत्राधिकारी आरके निराला ने कहा कि अब तक वन देवी डोली पांच दिनों में जिले के लगभग 30 गांवों का भ्रमण कर चुकी है। गढ़कला प्रयास कला संगम मंच पौड़ी के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक नया सवेरा और लोकगीत तथा सामूहिक गीतों से लोगों को जागरूक किया। इस मौके पर सरपंच संगठन के जिलाध्यक्ष कैलाश खंडूड़ी, लखपत सगोई, वन पंचायत सरपंच सिमली कल्पना नेगी, ममंद अध्यक्ष माहेश्वरी देवी, उर्मिला देवी, अंजू लडोला और अंजू नेगी आदि मौजूद रहे।