स्थायी राजधानी गैरसैंण के लिए आंदोलनरत प्रवीण ने आमरण अनशन तोड़ने और जेल से जमानत पर छूटने के बाद गैरसैंण न्यायिक मजिस्ट्रेट अपनी हाजिरी दी। कोर्ट में पेशी के बाद वह फिर से रामलीला मैदान गैरसैंण में क्रमिक अनशन पर बैठ गए। इस मौके पर केएस बिष्ट, कांग्रेस प्रदेश महासचिव हरिकृष्ण भट्ट, वीरेंद्र मिंगवाल, अक्षत भट्ट, पहाड़ी सेना के संयोजक हरीश रावत, राजधानी संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण बिष्ट, सभासद सरोज शाह, कृष्णा नेगी, काशी देवी आदि आंदोलनकारी मौजूद रहे। वहीं प्रवीण सिंह काशी ने कहा कि सरकार ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित कर राज्य का आर्थिक बोझ बढ़ा दिया है। एक प्रदेश में दो-दो राजधानी केवल जनता के टैक्स की बर्बादी है।