अलकनंदा पर निर्मित 400 मेेगावाट की विष्णुप्रयाग जल विद्युत परियोजना कंपनी जेपी की ओर से ऊर्जा निगम का 19 करोड़ 42 लाख का बकाया बिल भुगतान न करने पर ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने परियोजना के लिए सप्लाई हो रहे बिजली के तीन कनेक्शन काट दिए हैं।
इस जल विद्युत परियोजना से यूपी के लिए बिजली सप्लाई होती है।
कई सालों से ऊर्जा निगम और जेपी कंपनी के बीच बकाया बिजली बिल को लेकर विवाद चल रहा था। यह मामला कई सालों तक कोर्ट में भी चला।
एक पखवाडे़ पूर्व कोर्ट का फैसला भी ऊर्जा निगम के पक्ष में आया। इसके बाद सोमवार को ऊर्जा निगम के जूनियर इंजीनियर आरएस पंवार ने कंपनी के 3400 केवीए (किलोवाट एंपीयर), 400 केवीए और ढाई सौ केवीए के कनेक्शन काट दिए।
ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता केएस खाती ने बताया कि जेपी कंपनी को कई बार मौखिक और लिखित रूप से भी बकाया बिल भुगतान के लिए कहा गया, लेकिन बिल जमा नहीं हुआ। सोमवार को परियोजना के तीनों बिजली कनेक्शन काट दिए हैं।
इंसेट
ये है देनदारी
3400 केवीए चार करोड़ 76 लाख
400 केवीए 10 करोड़ 28 लाख
250 केवीए 4 करोड़ 38 लाख
मुजफ्फरनगर ग्रिड पर सप्लाई होती है बिजली
विष्णुप्रयाग जल विद्युत परियोजना अलकनंदा नदी पर लामबगड़ में निर्मित है। इस परियोजना की बिजली सप्लाई उत्तर प्रदेश के मुजफ्फर नगर ग्रिड के लिए होती है।
परियोजना से उत्तराखंड को 12 फीसदी बिजली रॉयल्टी के रूप में दी जाती है। अब ऊर्जा निगम की ओर से परियोजना की बिजली सप्लाई ठप कर देने से निश्चित रूप से बिजली उत्पादन पर भी इसका असर पड़ेगा।