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जोशीमठ। हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी ट्रैक के प्रमुख पड़ाव घांघरिया में प्लास्टिक बोतल सरेडर मशीन लगाई गई है। यह मशीन प्लास्टिक की बोतलों को काट कर पतला (चिप्स के आकार) कर देती है। इससे प्लास्टिक को बेचने के लिए ले जाने में आसानी होती है। पर्यावरण विकास समिति (ईडीसी) की पहल पर यह मशीन लगाई गई है। अभी तक यात्रा मार्ग से प्लास्टिक की बोतलों को एकत्रित कर घोड़े खच्चरों से पुलना तक पहुंचाया जाता था और बोतलों को कांपेक्ट किया जाता था। ढुलान में अधिक पैसा खर्च होने से ईडीसी को बोतलों को बेचने पर कोई लाभ नहीं होता था। अब घांघरिया में मशीन लगने से प्लास्टिक की बोतलों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट दिया जाएगा जिससे बोतलों के टुकड़ों को पुलना तक पहुंचाने में खर्च काफी कम हो जाएगा। ईडीसी भ्यूंडार के अध्यक्ष चंद्रशेखर चौहान ने बताया कि नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के आर्थिक सहयोग से प्लास्टिक बोतल सरेडर मशीन लगाई गई है। संवाद