देवाल को पिछड़ा क्षेत्र घोषित करने और थराली को जिला बनाने सहित 18 सूत्री मांगों को लेकर युवाओं ने डीएम कार्यालय के बाहर शासन-प्रशासन के विरोध में प्रदर्शन किया।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख देवी दत्त कुनियाल के साथ युवाओं की तीखी बहस भी हुई। बाद में युवाओं ने डीएम विनोद कुमार सुमन के आश्वासन पर अपना धरना स्थगित कर दिया।
26 अक्तूबर से कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दे रहे युवा बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे जुलूस की शक्ल में डीएम से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे। उन्होंने शासन-प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की।
जब काफी देर तक डीएम से आंदोलनकारियों की भेंट नहीं हुई तो थानाध्यक्ष चंद्रमोहन सिंह नेगी ने उन्हें वापस धरना स्थल पर जाने के लिए कहा।
इस दौरान मौके पर पहुंचे पूर्व प्रमुख देवी दत्त कुनियाल ने जब युवाओं को शांतिपूर्वक ढंग से आंदोलन करने के लिए कहा तो युवा उन पर भड़क गए। युवाओं ने कहा कि न्यायोचित मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
इसके लिए जेल भी जाना पड़े तो चले जाएंगे। शाम चार बजे डीएम ने आंदोलनकारियों को लिखित आश्वासन दिया कि उनकी जिला स्तर की मांगों पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है और शासन स्तर की मांगों के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा। इसके बाद युवाओं ने अपना धरना स्थगित कर दिया।
इस मौके पर पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष प्रताप राम, भरत सिंह गड़िया, प्रीतम नेगी, हिमांशु बिष्ट, दिनेश सिंह, गोविंद सिंह, दिनेश चंद्र, तारा बसेड़ा, गंगा मेहरा, कमलेश, धीरज और मदन मोहन आदि मौजूद थे।