अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति सहित अन्य स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने और प्रसव के बाद महिला की मौत के मामले में जनप्रतिनिधियों ने मुख्य बाजार में जुलूस प्रदर्शन किया।
साथ ही अस्पताल परिसर में तीन घंटे तक धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा यदि तीन दिनों में अस्पताल में चिकित्सक की नियुक्ति नहीं की गई तो मुख्यालय के सभी कार्यालयों पर तालाबंदी कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
रविवार देर रात अस्पताल में प्रसव के बाद तबियत बिगड़ने पर देवसारी की संतोषी की मौत हो गई थी। इस पर रविवार को भी ग्रामीणों ने मुख्यालय पर प्रदर्शन किया था।
ग्रामीणों ने कहा था कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और समय पर इलाज न मिलने से महिला की मौत हुई। सोमवार को प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने इस संबंध में एक ज्ञापन खंड विकास अधिकारी के माध्यम से डीएम को भेजा।
आंदोलन करने वालों में प्रमुख उर्मिला बिष्ट, ज्येष्ठ उपप्रमुख हरेंद्र कोटड़ी, कनिष्ठ उपप्रमुख मनोज कुमार, प्रधान संघ के अध्यक्ष पुष्कर फर्स्वाण, सहकारी बैंक के निदेशक महावीर बिष्ट, मंजू परिहार, हीरा राम, किशोर घुनियाल, नरेंद्र बिष्ट, रवींद्र सिंह, गोपाल दानू, तारा सिंह आदि शामिल थे। दूसरी ओर थराली में मामले को लेकर भाजपा मंडल अध्यक्ष रणजीत सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। भाजपाइयों ने सरकार पर लचर स्वास्थ्य सेवाओं का आरोप लगाया।
डीएम के आश्वासन के बाद टाली तालाबंदी
इस मामले में ग्रामीणों ने सोमवार को कार्यालयों और अस्पताल में तालाबंदी करने की चेतावनी दी थी, लेकिन आंदोलनकारियों के साथ सोमवार को हुई वार्ता में डीएम विनोद कुमार सुमन और सीएमओ डा. विराज शाह ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इसके बाद ग्रामीणों ने तालाबंदी का कार्यक्रम टाला। सीएमओ डा. विराज शाह ने कहा जल्द ही देवाल में डॉक्टर की नियुक्ति की जाएगी।