लोहाजंग से देवाल होते हुए थराली तक 36 किमी मोटर मार्ग पर सुधार के कार्य में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने टैक्सी स्टैंड के पास काम रोक दिया।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि एडीबी की ओर से सीधे मिट्टी पर डामर बिछाया जा रहा है। सड़क सुधार के नाम पर पुराने पुश्तों को खोलकर ही नया बनाया गया है। उन्होंने मामले में राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर जल्द उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
एडीबी (एशियन डेवलेपमेंट बैंक डिवीजन) की ओर से थराली-देवाल-लोहाजंग मार्ग पर सुधार, डामरीकरण और क्रैश बैरियर निर्माण के लिए 19 करोड़ 25 लाख की स्वीकृति मिली। इस पर विभाग ने 11 करोड़ रुपये खर्च भी कर दिए।
इसके बाद भी कार्य की गुणवत्ता निम्न होने पर जनप्रतिनिधियों ने बुधवार को सड़क सुधार का कार्य रोक दिया। ब्लाक प्रमुख उर्मिला बिष्ट के नेतृत्व में गणेश जोशी, महावीर बिष्ट, आलम सिंह, केडी मिश्रा, प्रदीप मिश्रा, गौरव खत्री आदि ने कहा कि विभाग सीधे मिट्टी के ऊपर डामर बिछा रहा है।
ल्वाड़ी से लेकर लोहाजंग तक कई अच्छे पुश्तों को खोलकर दोबारा बनाया गया है, जिससे साफ है कि विभाग सड़क सुधार के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि मामले में गुणवत्तापरक काम नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
दूसरी ओर एडीबी के ईई दीपक कुमार ने बताया कि मामले में जनप्रतिनिधियों की शिकायत मिली है। जल्द मौके पर जाकर जांच की जाएगी। यदि मिट्टी पर डामर बिछाया गया होगा तो उसे उखाड़कर दोबारा डामर बिछवाया जाएगा।