जिले में पीएमजीएसवाई के अधिकारियों की लापरवाही के चलते सड़कों की स्थिति दयनीय बनी है। जिला मुख्यालय से महज 10 किमी चमोली-खैरुनी मोटर मार्ग तीन वर्षों बाद ही ग्रामीणों की सुविधा के बजाय आफत का सबब हो गया है।
सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुई, जिससे यहां खैनुरी गांव के ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं।
दशोली ब्लॉक के खैनुरी गांव को जोड़ने के लिए वर्ष 2013 में प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत सड़क का निर्माण किया गया, लेकिन मोटर मार्ग पर न तो नियमानुसार नालियों का सही निर्माण किया गया और न पुश्तों का। अब यहां मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है।
यहां कई स्थानों पर हिल साइड का मलबा सड़क पर बिखरा पड़ा है। ग्रामीण नंदन सिंह खत्री, त्रिलोक सिंह और धूम सिंह नेगी का कहना है कि सड़क के पुश्तों के टूटने से कई स्थानों पर ग्रामीणों की खेती की जमीन दब गई है। विभाग ने खेत से न मलबा हटाया और न ही कोई मुआवजा दिया। मलबे के चलते कई स्थानों पर मोटर मार्ग संकरा हो गया है।
इधर, पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता आपी सिंह का कहना है कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदार को 22 फरवरी तक सुधारीकरण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि ठेकेदार की ओर से सुधारीकरण कार्य शुरू नहीं किया जाता तो ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।