थराली। ब्लाॅक के सगवाड़ा गांव में आयोजित उत्तरायणी महोत्सव में लोकगायक दर्शन फर्स्वाण के गीतों पर लोग खूब थिरके। हे नंदा हे गौरा कैलाशों की जात्रा..., मोतिमा रंगीली मोतिमा..., पार डाना की हिरूली बाना..., की प्रस्तुति को दर्शकों ने सराहा। महोत्सव में महिला मंगल दलों, युवक मंगल दलों ने भी गढ़वाली, कुमाउंनी और चांचरी की प्रस्तुति दी।
सगवाड़ा गांव में पहली बार उत्तरायणी मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले में प्रवासी भी शामिल हो रहे हैं। मुख्य अतिथि निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष देवी प्रसाद जोशी ने कहा कि दूर-दराज के क्षेत्रों में ऐसे आयोजन कराना सराहनीय प्रयास है। इससे हमारी लोक संस्कृति और परंपरा समृद्ध होती है। मेले में स्थानीय उत्पादों के स्टॉल भी लगे हैं। स्कूली बच्चों के कार्यक्रम भी मेले के आकर्षण रहे। इस अवसर पर भूपेंद्र सिंह, बलवंत सिंह, राकेश, प्रमोद बिष्ट, प्रेम सिंह और जय सिंह सहित कई लोग उपस्थित थे। संवाद