शरदोत्सव मेले की तीसरी संध्या में लोक गायिका ने जमाया लोक संस्कृति का रंग
पोखरी (चमोली)। हिमवंत कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल खादी ग्रामोद्योग एवं शरदोत्सव मेले की तीसरी सांस्कृतिक संध्या लोक जागर गायिका पम्मी नवल के नाम रही। उन्होंने जागरों और लोकगीतों की शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ मुख्य अतिथि हमाल कंस्ट्रक्शन कंपनी के गजपाल सिंह हमाल और विशिष्ट अतिथि जीआईसी चौंडी के प्रधानाचार्य मनवर सिंह बर्त्वाल ने किया। पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी ने अतिथियों और लोक गायिका पम्मी नवल को स्मृति चिह्न भेंट किए। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष सोहन लाल, सभासद गिरीश किमोठी, सतेंद्र बुटोला, डॉ. बृजेंद्र कठैत, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उपेंद्र सती और संतोष चौधरी आदि मौजूद रहे। संचालन टीपी सती ने किया।
जीआईसी आली और टैगोर विद्यालय रहे अव्वल
पोखरी। शरदोत्सव मेले के तहत शनिवार को आयोजित सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने लोकगीतों की प्रस्तुतियां दीं। सीनियर वर्ग की लोकगीत प्रतियोगिता में जीआईसी आली प्रथम स्थान पर रहा। टैगोर इंटरमीडिएट कॉलेज पोखरी और जीआईसी थालाबैंड संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान पर रहे, जबकि एबीएम इंटर कॉलेज पोखरी और जीजीआईसी तृतीय स्थान पर रहे। क्विज में टैगोर इंटरमीडिएट कॉलेज ने प्रथम, जीआईसी नागनाथ ने द्वितीय और जीआईसी उडामांडा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। संवाद
महिला मंगल दलों ने बिखेरी सांस्कृतिक रौनक
पोखरी। शरदोत्सव मेले में शनिवार को विभिन्न महिला मंगल दलों ने लोकगीतों और नृत्यों की प्रस्तुतियों से समां बांधा। महिला मंगल दल शरणा की महिलाओं ने ‘यों डांडी-कांठ्यूं का बीच सजणा हमारा पहाड़’ गीत प्रस्तुत कर पहाड़ की संस्कृति को जीवंत किया। वहीं, बसुधारा और तुमंडी के महिला मंगलदलों ने ‘कैन लगाई बडूली, म्यार मैत बसी घुघूती’ गीत की प्रस्तुति दी। संवाद