पिंडर नदी में मटमैला पानी आने से जलीय पर्यावरण प्रदूषित हो गया है। नदी में रहते जलजीव मर रहे हैं। गणेश खंडूड़ी, एमआर पुरोहित, विजयराम डिमरी, एसपी खंडूड़ी, एलपी सेमवाल, बाबा योगेशानंद, प्रणवेंद्र प्रसाद ने कहा कि हजारों लोगों की आस्था का प्रतीक पिंडर नदी का जल अत्यधिक दूषित व मटमैला होने से देवाल, थराली, नारायणबगड़, सिमली, कर्णप्रयाग में धार्मिक कार्य, पूजापाठ, श्राद्ध-तर्पण के लिए शुद्ध पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। सिमली के व्यवसायी जीपी डिमरी ने कहा कि नमामि गंगे जैसे ड्रीम प्रोजेक्ट संचालित होने के बावजूद संबंधित विभाग पिंडर नदी के जल को स्वच्छ रखने के कारगर उपाय नहीं कर पा रहा है।