ऑनलाइन वृद्धा पेंशन को लेकर ग्राम विकास अधिकारियों पर निलंबन की तलवार है। ग्राम विकास अधिकारी के पास अपने-अपने क्षेत्र के सभी वृद्ध पेंशन धारकों के खाते बैंक में खुलवाने की जिम्मेदारी है, लेकिन समाज कल्याण विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अभी तक केवल बीस फीसदी पेंशन धारकों के खाते ही बैंकों में हैं।
अधिकारियों को तीस जनवरी तक पूरी कार्रवाई करनी है। अगर यह जिम्मेदारी पूरी नहीं की गई तो उनका निलंबन किया जाएगा।
चमोली जिले में 17165 वृद्ध पेंशन धारक हैं, लेकिन महज 3599 के खाते ही बैंकों में हैं। वहीं 13566 पेंशन धारक आज भी डाकघरों से पेंशन लेते हैं।
पेंशन मिलने में देरी, गबन सहित अन्य शिकायतों को देखते हुए समाज कल्याण विभाग ने बैंकों में पेंशन के खाते होना जरूरी कर दिया है। ऐसे में डीएम ने सभी ब्लाकों को वृद्धावस्था पेंशन, विकलांग, विधवा पेंशन के खाते बैंकों में करने के लिए निर्देशित किया है।
खंड विकास अधिकारी डीडी उनियाल ने बताया कि विधवा और विकलांग के ग्राम पंचायत राज अधिकारी तथा वृद्धावस्था पेंशन के खाते ग्राम विकास अधिकारियों को सीबीएस करने होंगे। ऐसा नहीं होने पर डीएम के निर्देशानुसार कार्रवाई हो सकती है। मामले में सभी प्रधानों से सहयोग की अपील की गई है।
यहां होगी दिक्कत
कर्णप्रयाग ब्लाक के कपीरी और रानीगढ़ क्षेत्र में एक भी सीबीएस बैंक शाखा नहीं है। ऐसे में वृद्धों को खाता खुलवाने और पेंशन लेने के लिए तीस से अधिक किमी की कर्णप्रयाग और गौचर की दौड़ लगानी होगी।
यही नहीं थराली और गैरसैंण तहसील के कई गांवों में भी आज बैंक सुविधा तीस से पचास किमी दूर है।
डीएम विनोद कुमार सुमन की ओर से 29 नवंबर को जारी निर्देशों के अनुसार जो पेंशनर बैंक नहीं जा सकते हैं ग्राम विकास अधिकारी उनके खाते संबंधी आवेदन को खुद भरवाकर खाता खुलवाएंगे।
जिन अधिकारियों के क्षेत्र में तीस जनवरी तक बैंक में 75 फीसदी खाते कम होने पर प्रतिकूल प्रविष्टि और 65 प्रतिशत से कम होने पर निलंबन की प्रक्रिया की जाएगी। 90 प्रतिशत काम करने वाले अफसरों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
घाट में सबसे अधिक दिक्कत
घाट विकासखंड में बैंकों में सबसे कम उपभोक्ताओं की पेंशन है। यहां महज 11.27 प्रतिशत पेंशनरों के खाते बैंकों में है, जबकि पोखरी में 18.69, गैरसैंण में 19.47, जोशीमठ में 21.49 और कर्णप्रयाग में 22.63 प्रतिशत वृद्धों की पेंशन बैंकों में आती है।