-नासिर बाजार, मस्जिद मार्केट, अपर बाजार और मुख्य बाजार में पार्किंग के लिए नहीं है जगह
थराली। सात से अधिक बाजारों और मोहल्लों से मिलकर बने थराली कस्बे में पार्किंग व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। कस्बे में महज एक पार्किंग स्थल है जो बीते सात महीनों से मलबे से पटा पड़ा है। इससे स्थानीय निवासियों, बाहरी क्षेत्रों से आने वाले लोगों और ग्रामीण इलाकों से आवागमन करने वाले वाहनों का जमावड़ा सड़कों पर लग रहा है। संकरी सड़कों से दोपहर के समय थराली में आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। व्यापार संघ और पुलिस प्रशासन के साथ इस समस्या के समाधान के लिए कई बार बैठकें भी की जा चुकी हैं लेकिन न तो नई पार्किंग बनाने की योजना धरातल पर उतरी और न ही जाम की समस्या का कोई ठोस समाधान निकल पाया है।
सिमली-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित अपर बाजार और नासिर बाजार में पार्किंग के लिए कोई स्थान उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यहां आने वाले सभी वाहन सड़क किनारे खड़े किए जाते हैं। इससे यहां आए दिन जाम लना रहता है। वहीं, थराली-देवाल स्टेट हाइवे पर बैंक बाजार, भैरव मार्केट, मीट मार्केट, मुख्य बाजार, केदारबगड़ और राड़ीबगड़ जैसे प्रमुख बाजार स्थित हैं। इनमें मुख्य बाजार और केदारबगड़ क्षेत्र के लिए करीब 100 वाहनों की क्षमता वाली एकमात्र पार्किंग बनाई गई थी। हालांकि बीते वर्ष अगस्त में आई आपदा से यह पार्किंग क्षतिग्रस्त हो गई और मलबे से भर गई। पिछले सात महीनों से इसकी सफाई और मरम्मत नहीं हो पाई है। ऐसे में वाहन चालक अपने वाहन ग्रामीण मार्गों और मुख्य सड़क पर खड़े करने के लिए मजबूर हैं जिससे जाम की समस्या और भी गंभीर होती जा रही है।
इन ग्रामीण रूटों से पहुंचते हैं वाहन
थराली-डुंग्री मोटर मार्ग 16 गांवों को जोड़ता है। वहीं देवाल, कूनी-पार्था, गोठिंडा और चेपड़ों, किमनी, चौण्डा, काखड़ा, गुगुवा, तुंगेश्वर, देवराड़ा, सुनांउ, माल बज्वाड़ सहित कस्बीनगर एवं ग्रामीण रूटों के 200 से अधिक वाहन रुकते हैं।
वर्जन:-
नगर में बड़ी पार्किंग के लिए जगह नहीं मिल पा रही है। हम छोटी-छोटी पार्किंग के निर्माण के बारे में सोच रहे हैं जिससे बाजार में वाहनों का दबाव कम हो सके और जाम से निजात मिल सके। साथ ही केदारबगड़ में बनी पार्किंग के मरम्मत और सुधारीकरण के लिए डीपीआर शासन को भेजी है।
सुनीता रावत, अध्यक्ष नपं थराली।