वायु सेना और थल सेना के संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान जहां सेना के जवानों को पैरासीलिंग (चलते विमान से उतरने) के गुर सिखाए गए वहीं वायु सेना के विंग कमांडरों ने दुर्गम ऊंचाई पर देर रात तक हेलीकॉप्टरों की उड़ान भरने का अभ्यास किया। तीन दिवसीय संयुक्त अभ्यास में सेना और वायु सेना के 60 से अधिक जांबाज शामिल हैं।
वायु सेना के विंग कमांडरों और थल सेना के जवानों ने सोमवार से गौचर हवाई पट्टी में संयुक्त अभ्यास शुरू किया। प्रशिक्षण के दौरान सेेना के जवानों को चलते विमान से करीब 10 से पचास फिट की ऊंचाई से उतरना सिखाया जा रहा है।
वायु सेना के विंग कमांडर दो हेलीकॉप्टरों के जरिए पहाड़ की कठिन परिस्थितियों और दुर्गम ऊंचाई पर दिन और रात के समय हेलीकॉप्टरों की उड़ान भरने का अभ्यास कर रहे हैं। संयुक्त अभ्यास में वायु सेना बरेली डिविजन के विंग कमांडर और छह कुमाऊं रेजीमेंट रुद्रप्रयाग के जवान और अधिकारी शामिल हैं। तीन दिवसीय संयुक्त अभ्यास बुधवार को संपन्न होगा।