ईराणी गांव में ग्रामीणों से वार्ता करते पूर्व आईएएस कमल टावरी।
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पूर्व आईएएस अधिकारी और महाराष्ट्र निवासी कमल टावरी ने चमोली जिले के दो गांवों को गोद लिया है। वह इन गांवों में बिना सरकारी सहायता के बुनियादी सुविधाओं के साथ प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर लोगों की आर्थिकी सुधारने के लिए काम करेंगे। हर तरह से संपन्न बनाते हुए इन गांवों को स्मार्ट विलेज बनाया जाएगा।
कमल टावरी चमोली जिले के दूरस्थ गांव पाणा ईराणी के तीन दिन के प्रवास पर आए थे। उन्होंने बताया कि वह इन गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बागवानी, उद्यानीकरण, सोलन ऊर्जा, घराटों सहित अन्य क्षेत्रों में काम करेंगे, जिससे लोगों को इनसे अच्छी आय प्राप्त हो सके। कहा कि सोलर प्लांट लगाकर वह सरकार से बिजली खरीदने के बजाय बेच सकते हैं। क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण के छोटे-छोटे प्लांट लगाकर काश्तकारों को काफी फायदा पहुंचाया जा सकता है। ईराणी गांव के प्रधान मोहन नेगी ने बताया कि पूर्व आईएएस ने तीन दिन गांव में बिताए।