न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने पेयजल योजना में हुई अनियमितता का दोषी माना
संवाद न्यूज एजेंसी
थराली। न्यायिक मजिस्ट्रेट सिविल जज प्रथम श्रेणी की अदालत ने शुक्रवार को गोपाल सिंह बनवासी की याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने जल जीवन मिशन के तहत बनी पेयजल योजना में हुई अनियमितता में जेई को दोषी माना और थाना पुलिस थराली को पेयजल निगम के जेई के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।
आरटीआई एक्टिविस्ट गोपाल सिंह वनवासी ने चमोली जिले में हुई 88 पेयजल योजनाओं की जांच की मांग की थी। थराली के सुनला में जांच के दौरान 4025 मीटर की जगह 2649 मीटर पेयजल लाइन ही जांच में मिली। उपजिलाधिकारी थराली ने जांच जिलाधिकारी चमोली को भेज दी थी। गोपाल सिंह वनवासी ने इस मामले में बीते सात अक्तूबर को थाना थराली में पेयजल निगम के जेई हेमंत कुमार के विरुद्ध तहरीर दी थी लेकिन पुलिस ने विभागीय मामला बताते हुए एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके बाद शिकायतकर्ता ने मामले की याचिका न्यायालय में दर्ज कराई। शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट देवांश राठौर की अदालत ने धारा 175 (3) बीएनएस के तहत आरोपी को दोषी पाते हुए जेई हेमंत कुमार विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।