नगर पालिका गोपेश्वर के सभासदों ने निर्णय वापस नहीं लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। निकायों में टेंडर कमेटी से मेयर व अध्यक्षों को बाहर करने का गोपेश्वर नगर पालिका के सभासदों ने कड़ा विरोध किया। नगर पालिका के सभासदों ने एक स्वर में सरकार से इस निर्णय को वापस लेने की मांग की। कहा ऐसा नहीं किया गया तो वे त्यागपत्र देकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
उत्तराखंड शासन निकायों में होने वाले निर्माण कार्यों, सामग्री खरीदने सहित अन्य कार्यों के लिए समितियों का गठन करते हुए शासनादेश जारी किया गया है। इसके अनुसार समितियों में संबंधित निकायों के नगर आयुक्त/अधिशासी अधिकारी समिति के अध्यक्ष होंगे जबकि मुख्य कोषाधिकारी या कोषाधिकारी इसके सदस्य होंगे। इसमें मेयर व नगर पालिका व नगर पंचायतों के अध्यक्षों को शामिल नहीं किया गया है। सरकार के इस निर्णय का गोपेश्वर नगर पालिका के सभासदों ने विरोध किया। सोमवार को गोपेश्वर नगर पालिका में सभासदों ने बैठक कर सरकार से इस शासनादेश को वापस लेने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि सरकार ने अध्यक्ष व सभी सभासदों के अधिकारों का हनन किया है। यदि सरकार इस आदेश को वापस नहीं लेती है तो बोर्ड के सभी सभासद त्यागपत्र देकर उग्र आंदोलन शुरू कर देंगे। इस दौरान सभासद सुशीला देवी, उषा देवी, सावित्री देवी, उमेश सती, सूर्य पुरोहित, संजय पुरोहित, पूजा असवाल, दीपक बिष्ट, विनोद कुमार व मनमोहन सिंह शामिल रहे।