पिडंर नदी पर प्रस्तावित 252 मेगावाट की सतलुज जल विद्युत परियोजना का विरोध शुरू हो गया है। जोशीमठ के रैंणी गांव में जल प्रलय की जो घटना हुई, उससे पिडंरघाटी के लोग भयभीत हैं। जिपंस देवी प्रसाद, उमेश चंद्र, जगदीश प्रसाद, राजेंद्र सिंह ने कहा कि बांधों से पर्वतीय क्षेत्रों में नदी किनारे बसे गांवों को बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है। इसलिए समय रहते ऐसी परियोजनाएं बंद होनी चाहिए। ऐसी परियोजना के बनने से गांवों का हक-हकूक पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा। संवाद