राजकीय शिक्षक संघ ने की बैठक, प्रांतीय संगठन को भेजा ज्ञापन
कहा- प्रदेश की भौगोलिक स्थिति है विषम, यह बदलाव व्यावहारिक नहीं
अधिकतर जिले पर्वतीय, ग्रीष्मकाल और शीतकाल में एक जैसा समय जोखिम भरा
संवाद न्यूज एजेंसी
गौचर। राजकीय शिक्षक संघ ने प्रदेश के विद्यालयों में समय सारिणी में बदलाव किए जाने का विरोध किया है। यहां हुई संगठन की बैठक में इस संबंध में चर्चा की गई और प्रांतीय संगठन को ज्ञापन भेजा। कहा कि वर्षभर स्कूलों का समय एक ही होना व्यावहारिक नहीं है।
संघ के जिलास्तरीय पदाधिकारियों ने कहा कि राजकीय विद्यालयों में वर्तमान समय सारिणी में बदलाव कर संपूर्ण प्रदेश में पूरे वर्ष भर एक ही टाइम टेबल निर्धारित किया जा रहा है। वर्तमान में लागू व्यवस्था के तहत प्रदेश के स्कूलों में ग्रीष्मकाल और शीतकाल में स्कूलों के खुलने और छुट्टी होने का अलग-अलग समय निर्धारित है लेकिन अब इसमें बदलाव कर विद्यालयों को सुबह साढ़े आठ बजे खोलने और सवा तीन बजे छुट्टी होने का साल भर का एक ही टाइम टेबल निर्धारित किया जा रहा है। संगठन के जिलाध्यक्ष प्रकाश चौहान, मंत्री बीरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि प्रदेश की भौगोलिक स्थिति विषम है। यहां तेरह जिलों में से दो जिले मैदानी, कुछ आंशिक मैदानी और ज्यादातर पर्वतीय हैं। ऐसे में ग्रीष्मकाल में मैदानी जिलों में सवा तीन बजे तक स्कूल खोले रखना और पर्वतीय जिलों में जहां बच्चे चार-पांच किमी पैदल चलकर स्कूल पहुंचते हैं और सुबह के समय जंगली जानवरों की दहशत बनी रहती है। वहां शीतकाल में सवा आठ बजे स्कूल खोलना व्यावहारिक नहीं है। संगठन के जिलाध्यक्ष एवं मंत्री के अलावा संरक्षक अनूप सिंह रावत, उपाध्यक्ष दिनेश कुनियाल व मीनाक्षी सती, संयुक्त मंत्री संतोष सिंह व शर्मिला डिमरी आदि पदाधिकारियों ने इसका विरोध करते हुए प्रदेश संगठन को ज्ञापन भेजा। बैठक में माधवी सती, कल्पना वैन और अशोक कुमार आदि मौजूद थे।