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हेमकुंड साहिब में हेलीपैड निर्माण का विरोध

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हेमकुंड साहिब के आस्था पथ पर अटलाकुड़ी में जहां हेलीपैड का निर्माण जोरों पर है वहीं स्थानीय स्तर पर इसका विरोध होने लगा है। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने इस हेलीपैड को आपदा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील बताया है। कहा कि हेलीपैड निर्माण से यहां के पर्यावरण, वन्यजीव को खतरा हो जाएगा। साथ ही यह आपदा का कारण भी बन सकता है।
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जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अतुल सती, आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष व भ्यूंडार गांव निवासी अधिवक्ता भवान सिंह चौहान ने कहा कि बदरीनाथ हाईवे से 19 किलोमीटर की दूरी पर तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब (4632 मी) स्थित है। यहां हेमकुंड साहिब के ग्लेशियर प्वाइंट पर हेलीपैड का निर्माण किया जा रहा है जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, बुग्याल और उच्च हिमालय क्षेत्र में निर्माण कार्य नहीं कराए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में दुर्लभ कस्तूरी मृग, मोनाल सहित कई वन्य जीव विचरण करते हैं। साथ ही समीप ही विश्व धरोहर फूलों की घाटी है। यहां अत्यधिक संख्या में ब्रह्मकमल की पैदावार होती है। इतनी ऊंचाई पर हेलीपैड का निर्माण और हेलीकॉप्टर की उड़ान से पर्यावरण असंतुलित होगा। कहा कि इस संबंध में पूर्व में भी कई बार प्रशासन को कहा गया लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अटलाकुड़ी क्षेत्र में हिमस्खलन की घटनाएं भी कई बार हो चुकी हैं। यहां आस्था पथ पर ही हिमखंड पसरे रहते हैं। इतनी ऊंचाई पर हेलीकॉप्टर उड़ान भरेंगे तो यह क्षेत्र में आपदा का कारण बन सकता है। अधिवक्ता भवान सिंह चौहान ने हेमकुंड साहिब तक रोपवे निर्माण का भी विरोध किया। कहा कि रोपवे के लिए यहां निर्माण कार्य होंगे जिससे ग्लेशियरों पर इसका असर पड़ेगा।
हेमकुंड साहिब के रास्ते पर हेलीपैड का निर्माण आपातकालीन और बचाव उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। वन विभाग की ओर से भी रेस्क्यू हेलीपैड के निर्माण के लिए स्वीकृति दे दी गई है। लोगों की ओर से इस संबंध में ज्ञापन मिले हैं उन्हें उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। - कुमकुम जोशी, एसडीएम जोशीमठ, चमोली।
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