लाटू देवता के कपाट खुलने पर मांगल गीत गाती महिलाएं।
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लाटू मंदिर के कपाट बृहस्पतिवार को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दोपहर 1 बजकर 45 मिनट पर खोल दिए गए। इस दौरान गढ़वाल और कुमाऊं के सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए और मंदिर में पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की।
महिला मंगल दलों ने पारंपरिक धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं। देर शाम तक मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही।
वाण गांव में स्थित लाटू देवता के पुजारी खीम सिंह, कुल पुरोहित रमेश कुनियाल, हरिदत्त और उमेश कुनियाल ने बताया कि लाटू देवता को मां नंदा का धर्म भाई माना जाता है। इसलिए बृहस्पतिवार सुबह नंदा देवी और लाटू देवता की भव्य पूजा की।
इसके बाद दोपहर 1 बजकर 45 मिनट पर लाटू देवता मंदिर के कपाट खोल दिए गए। इसके बाद मंदिर के पुजारी खीम सिंह ने आंखों पर पट्टी बांधकर मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश किया और दीपक जलाकर लाटू देवता की पूजा की। मां नंदा और लाटू के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।
इस धार्मिक अनुष्ठान में महिला मंगल दलों और ग्रामीणों ने पारंपरिक झोड़ा और पांडव नृत्य जबकि देवताओं के पश्वाओं ने देवनृत्य प्रस्तुत किया। हंस फाउंडेशन ने भी इस धार्मिक अनुष्ठान में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में विधायक डा. जीतराम भी मौजूद रहे। इस मौके पर ब्लाक प्रमुख उर्मिला बिष्ट, प्रीतम सिंह रावत, महावीर बिष्ट, खीमी राम, हीरा पहाड़ी, इंद्र सिंह राणा, जय सिंह बिष्ट, सुरेंद्र बिष्ट, बख्तावर सिंह, बृजमोहन नेगी और मदन सिंह आदि मौजूद थे।