वर्ष 2020 चारधाम यात्रा के लिहाज से मायूसी भरा रहा। मोक्ष धाम बदरीनाथ धाम में यात्राकाल में सन्नाटा पसरा रहा। अभी तक के सालों में ऐसा पहली बार हुआ जब धाम के कपाट सीमित लोगों के बीच खुले। इस दौरान वेद मंत्रों और जय बदरीनाथ का जयघोष सुनाई तो दिया, लेकिन भक्तों की मौजूदगी नहीं रही। धीरे-धीरे अंतिम चरण में यात्रा के इजाफा हुआ, लेकिन धाम में चहल-पहल गायब ही रही।
बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने की तिथि 30 अप्रैल तय हुई थी, लेकिन कोरोना संकट के कारण धाम के कपाट पंद्रह दिन बाद 15 मई को तड़के 4 बजकर 30 मिनट पर खोले गए थे। कपाटोद्घाटन के मौके पर मंदिर से जुड़े अधिकारियों के अलावा सिर्फ 11 लोगों को ही मंदिर के गर्भगृह और परिक्रमा स्थल में रहने की अनुमति मिली थी और धाम में कुल 28 लोग मौजूद थे। कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन के कारण बदरीनाथ धाम के सालों में ऐसा पहली बार हुआ जब धाम में कपाटोद्घाटन के दौरान भक्तों की मौजूदगी नहीं रही। धाम के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि बदरीनाथ धाम में इस यात्राकाल में 145328 श्रद्धालु बदरीनाथ के दर्शनों को पहुंचे, जबकि गत वर्ष 12 लाख 40 हजार से अधिक श्रद्धालु बदरीनाथ के दर्शनों को पहुंचे थे।