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Chamoli News: 25 दिसंबर को ननिहाल देवराड़ा से मायके कुरुड़ विदा होंगी मां नंदा

Fri, 28 Nov 2025 04:36 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
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25 दिसंबर को ननिहाल देवराड़ा से मायके कुरुड़ विदा होंगी मां नंदा
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मंदिर समिति ने लोकजात यात्रा की तैयारियां की शुरू
12 जनवरी को सिद्धपीठ नंदा देवी मंदिर के गर्भगृह में होंगी विराजमान
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग/नंदानगर। छह माह तक प्रवास पर रहीं मां नंदा के ननिहाल से विदाई की तैयारियां शुरू हो गई हैं। लोकजात यात्रा के कार्यक्रम के तहत 25 दिसंबर को नंदा की डोली देवराड़ा मंदिर से मायके कुरुड़ के लिए प्रस्थान करेगी जबकि 12 जनवरी को सिद्धपीठ नंदा देवी मंदिर के गर्भगृह में विराजमान होगा। जहां देवी की छह माह तक पूजा-अर्चना होगी।

देवराड़ा मंदिर परिसर में आयोजित समिति एवं ग्रामीणों की बैठक में श्रीनंदा की लोकजात यात्रा की वापसी का कार्यक्रम जारी किया गया। कुरुड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष नरेश गौड़ और मंदिर समिति के अध्यक्ष भुवन हटवाल ने बताया कि 25 दिसंबर को मंदिर में देवी की पूजा-अर्चना के बाद देवी की मूर्ति गर्भगृह से बाहर आएगी। इसके बाद यात्रा रात्रि प्रवास के लिए बज्वाड़ पहुंचेगी। 26 दिसंबर को मेल्ठा, 27 को किमनी, 28 को नैल, 29 को कुलसारी, 30 को नोडा, 31 दिसंबर को मेटा तल्ला, एक जनवरी को गैरबारम, दो जनवरी को बमणगांव, तीन जनवरी को देवपुरी, चार को नागौली, पांच जनवरी को मरोड़ा, छह जनवरी को हसंकोटी, सात जनवरी को बैनोली, आठ जनवरी को पैठाणी, नौ को सिमली, दस को सणकोट, 11 को सैंती और 12 जनवरी को सिद्धपीठ कुरुड़ मंदिर में नंदा की डोली विराजमान होगी। अगले छह माह तक देवी की पूजा-अर्चना कुरुड़ मंदिर में होगी। लोकजात यात्रा के वापसी कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस साल 16 अगस्त को नंदा की लोकजात शुरू हुई थी। अगले साल मां नंदा की बड़ी जात (नंदाराजजात) का आयोजन होना है। इस दौरान पुजारी राजेश गौड़, दिनेश गौड़, देवराड़ा मंदिर समिति के अध्यक्ष भुवन हटवाल, त्रिलोक रावत, विनोद रावत, शौर्य प्रताप रावत, चरण सिंह, प्रेम सिंह, भगवत सिंह, मोहन प्रसाद देवराड़ी, ममंद अध्यक्ष गौरी देवी, पुष्पा देवी, जानकी देवी आदि मौजूद थे।
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देवी-देवताओं को लगाया नए अनाज का भोग
कर्णप्रयाग। ब्लाॅक के ग्राम पंचायत घतोड़ा के ग्रामीणों ने गांव के आराध्य गोरजा माई, लाटू देवता और जातू बगडवाल देवता की पूजा-अर्चना कर नए अनाज का भोग लगाया। आचार्य चंडी प्रसाद ड्यूंडी ने वैदिक मंत्रों के साथ पूजा-अर्चना कर ग्रामीणों की ओर से बनाए नए अनाज का भोग खीर, रोट, मालपूवे, हलवा भोग सहित वस्त्र-आभूषण अर्पित कर क्षेत्र के सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान देवी देवताओं के पश्वाओं ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। अनुष्ठान में प्रधान जयवीर सिंह पंवार, लक्ष्मण सिंह कोटियाल, नंदन सिंह कोटियाल आदि शामिल रहे। संवाद
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श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर में 56 भोग किए अर्पित
कर्णप्रयाग। श्रीबदरीनाथ धाम के डिमरी पुजारियों के ग्राम डिम्मर में शुक्रवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के प्रतिनिधि के रूप में ज्योतिर्मठ के ब्रह्मचारी मुकुंदानंद महाराज ने श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर में महाभिषेक पूजा कर भगवान को 56 भोग अर्पित किए। ग्रामीणों ने वाद्य यंत्रों और पुष्प वर्षा के साथ उनका स्वागत किया। गांव के पौराणिक चौंरी चौक में आयोजित कार्यक्रम में ब्रह्मचारी मुकुदानंद महाराज ने कहा कि पौराणिक श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर में आदि काल से श्रीबदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने से पूर्व और बंद होने के बाद उनकी ओर से परंपराओं का निर्वहन किया जा रहा है। श्रीबदरीश डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष आशुतोष डिमरी ने कहा कि पौराणिक परंपराओं के अनुसार आज भी चारों धामों में पूजा की जाती है। इस मौके पर आचार्य गणेश चंद्र खंडूड़ी, ग्राम प्रधान विनीता देवी, शरद चंद्र डिमरी, संदीप डिमरी, बुद्धि बल्लभ डिमरी, प्रभुकांत डिमरी, संजय डिमरी, हेमचंद्र डिमरी और शैलेंद्र प्रसाद डिमरी आदि मौजूद थे। संवाद
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