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पिंडर नदी में डूबी ओडार गांव की पुलिया

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पिंडर नदी का जल स्तर बढ़ने से देवाल ब्लॉक के ओडर गांव के पास बनी लकड़ी की पुलिया नदी में डूब गई, जिससे सैकड़ों ग्रामीणों को अब तीन किमी पैदल चलकर गंतव्यों को जाना पड़ेगा।
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वर्ष 2013 की आपदा में पिंडर नदी में आई बाढ़ से ओडर के ग्रामीणों की सैकड़ों नाली कृषि भूमि व पैदल पुल भी बह गया था। उसके बाद से ग्रामीण नदी का जलस्तर घटने के बाद अपने संसाधनों से यहां पर हर साल लकड़ी की अस्थाई पुलिया बनाते हैं जो अक्सर डूब या बह जाता है लेकिन यहां आज तक स्थायी पुल का निर्माण नहीं किया जा सका। बृहस्पतिवार को भी पिंडर नदी का जल स्तर बढ़ने से लकड़ी की पुलिया डूब गई। ओडर के क्षेपंस पान सिंह गड़िया, महाबीर गड़िया, ममंद अध्यक्ष कमला देवी, संतोष बिष्ट, जगदीश पयाल, प्रधान खीम राम ने कहा कि यहां स्थायी पुल बनाने के लिए कई बार सीएम, डीएम, एसडीएम, मुख्य सचिव से कह चुके हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने लोनिवि से यहां पुल बनाने और हाइड्रोलिक ट्रॉली लगाने की मांग उठाई।
पुश्ते धंसने से घेस-हिमनी व सवाड़ सड़क लौसरी में बंद
देवाल। बुधवार रात हुई तेज बारिश के कारण घेस-हिमनी व सवाड़ सड़क पर पुश्ते धंस गए और लौसरी के पास सड़क बंद हो गई। सड़क बंद होने से सवाड़, हिमनी, घेस गांवों के कई वाहनों को आवाजाही बंद हो गई है। ग्रामीणों की सूचना पर पीएमजीएसवाई ने जेसीबी भेज दी है। ईई प्रमोद गगाड़ी ने कहा कि जल्द ही पुश्ता बनाकर यातायात बहाल कर दिया जाएगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के ऊपरी भाग से चट्टानों से मिट्टी और पत्थर गिर रहे हैं। इससे पैदल चलने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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