गढ़वाल आयुक्त रविनाथ रमन ने एनटीपीसी के अधिकारियों को उनके अनुभवी इंजीनियरों को राहत टीम के साथ हर समय तैनात रखने के निर्देश दिए, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन को जल्द पूरा किया जा सके। उन्होंने एनटीपीसी के अधिकारियों को टनल में फंसे कर्मचारियों की सही लोकेशन के बारे में भी जानकारी देने के निर्देश दिए।
बुधवार को एचसीसी कार्यालय जोशीमठ में गढ़वाल आयुक्त, डीआईजी अपर्णा कुमार, जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, एसपी यशवंत सिंह चौहान, आईटीबीपी, बीआरओ, एनटीपीसी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक कर आगे की रणनीति पर मंथन किया। गढ़वाल आयुक्त ने एनटीपीसी के अधिकारियों से टनल की संरचना के बारे में जानकारी ली। उन्होंने लोनिवि और बीआरओ को क्षतिग्रस्त पुल और संपर्क मार्गों को शीघ्र सुचारु करने के निर्देश दिए। प्रभावित गांव में सड़क, बिजली, पानी, खाद्यान्न सहित स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता पर बहाल करने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया पैंग और मुरंडा को छोड़कर बाकी सभी 11 गांवों में बिजली व्यवस्था सुचारु कर दी गई है। पैंग और मुरंडा में सोलर लाइट भेजी गई हैं। तपोवन, रैणी, जुआग्वाड़ में आवाजाही के लिए ट्राली और वैली ब्रिज से वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जा रही है। रेस्क्यू में लगी टीम के साथ ही सभी के लिए जलपान एवं भोजन की पूरी व्यवस्था की गई है।