चमोली से लगे चीन सीमा क्षेत्र में बोर्डर रोड निर्माण कार्य कर रहे झारखंड के मजदूर नोटबंदी के कारण पर्याप्त धनराशि न मिलने से अपने घर नहीं जा पा रहे हैं। तीन दिनों से ये मजदूर जोशीमठ में जैसे-तैसे रह रहे हैं।
चार सालों से बीआरओ चीन सीमा क्षेत्र में जोशीमठ-मलारी-सुमना मोटर मार्ग का निर्माण और चौड़ीकरण कार्य कर रहा है। इस कार्य में करीब डेढ़ सौ मजदूर लगे हैं। नवंबर माह से क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ने लगती है, जिससे मजदूर कार्य छोड़कर घरों को लौट जाते हैं। अपने मेहनताने को मजदूर जोशीमठ इलाहाबाद बैंक में जमा कर देते हैं।
घर जाने के समय वे इस धनराशि को निकाल लेते हैं। इस वर्ष भी झारखंड के करीब 80 मजदूर घर जाने के लिए जोशीमठ तक तो पहुंचे, लेकिन बैंक में करेंसी की कमी के कारण उन्हें मात्र दो-दो हजार रुपये ही मिले।
डुमका झारखंड निवासी मजदूर सुफल राय, जयराम कुमार, गुरु दयाल, मुक्तेश्वर राणा, विनोद कुमार और रामदेव का कहना है कि वे यहां परिवार के साथ रहते हैं। बच्चों के साथ झारखंड जाने तक दो से तीन हजार रुपये खर्च हो जाता है, लेकिन बैंक से पर्याप्त धनराशि न मिल पाने से घर नहीं जा पा रहे हैं। कार्य के दौरान जोशीमठ में एक व्यवसायी से राशन उधार लिया अब उनका पैसा भी नहीं चुका पा रहे हैं। तीन दिनों से जोशीमठ में इलाहाबाद बैंक के चक्कर लगा रहे हैं।