कहने के लिए तहसील के तीन ब्लाकों में लघु सिंचाई विभाग (एमआई) द्वारा दस सालों में तीन सौ तीस नहरें बनाई गई हैं लेकिन एक भी नहर में पानी नहीं चल रहा है। कहीं नहरें क्षतिग्रस्त पड़ी हैं तो किसी में घास उग आई है।
भारत निर्माण योजना के तहत तहसील के नारायणबगड़, थराली और देवाल विकास खंडों में लघु सिंचाई उपखंड थराली द्वारा दस सालों में 330 नहरों का निर्माण किया है। लेकिन एक भी नहर में पानी नहीं चल रहा है। वर्ष 2004 से लेकर 2014 तक बनी इन नहरों पर भले की विभाग ने 500 करोड़ से अधिक धनराशि को व्यय किया हो लेकिन एक भी किसान को खेती के लिए पानी नहरें नहीं दे पा रही हैं।
पिंडर वैली अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष कालिका प्रसाद ने बताया कि लघु सिंचाई विभाग की लापरवाहियों का खामियाजा कास्तकारों को भुगतना पड़ रहा है। कालिका प्रसाद ने कहा कि तीनों ब्लाकों के ढाई सौ से अधिक गांवों में बनी ये नहरें सफेद हाथी साबित हो रही है। ऐसे में बिना सिंचाई के कास्तकार उन्नत खेती नहीं कर पा रहे हैं।
लघु सिंचाई में थराली तहसील में बहुत सी नहरें बनी हैं और इनके बारे में कई शिकायतें भी मिली हैं। ये मेरे कार्यकाल से पहले की बनी नहरें हैं। इनकी जांच की जा रही है।
- एमएस फर्स्वाण, सहायक अभियंता लघु सिंचाई थराली