भले ही सरकार द्वारा ग्रामीण बच्चों की खेलों में प्रतिभा उभारने के लिए राजीव गांधी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती रही हैं लेकिन इन प्रतियोगिताओं का न तो सफल प्रचार किया जा रहा है और न ही नियमानुसार प्रतियोगिताओं का आयोजन।
स्थिति यह है कि विभाग की ओर से वर्ष 2014-15 में आयोजित प्रतियोगिताओं में विजयी खिलाड़ियों को इनामी धनराशि तक अब तक नहीं मिल पाई है।
राजीव गांधी ग्रामीण खेल प्रतियोगिताओं के तहत ग्राम स्तर से लेकर जिला स्तर तक 16 वर्ष से कम बालक-बालिकाओं के लिए एथलेटिक्स और अन्य खेलों का आयोजन युवा कल्याण विभाग कराता है, लेकिन यह खेल खानापूूर्ति साबित हो रहे हैं।
कर्णप्रयाग ब्लाक के सिमली में हुए खेलों में कुछ ऐसी लापरवाही सामने आई। ब्लाक में 96 ग्राम पंचायतों में से केवल 7-8 ग्राम पंचायतों के खिलाड़ियों ने ही यहां भागीदारी की।
वहीं विजयी खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र भी नहीं दिए गए। प्रधान संगठन के संरक्षक सुमन प्रसाद डिमरी, जयकंडी के संदीप खंडूड़ी, राकेश लाल, सोनला की पार्वती देवी आदि का कहना है कि विभाग इन खेलों की विधिवत जानकारी नहीं देता, जिसके चलते बच्चे खेल में प्रतिभाग नहीं कर पाते।
यही नहीं विजेता खिलाड़ियों को 100 से 150 रुपये तक नकद पुरस्कार भी दिया जाता है, जो अभी तक पिछले वर्ष का नहीं मिला। क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी संदीप पंत का कहना है कि पिछले वर्ष का बजट विभाग को अभी तक नहीं मिल पाया है।