रामलीला मैदान में आयोजित प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सम्मेलन में केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। कहा गया कि केंद्र सरकार ने प्रदेश के बजट में 3700 करोड़ की कटौती की है, जिससे विकास की गति पर प्रभाव पड़ा है। सम्मेलन को गैरसैंण और राज्य आंदोलनकारियों को समर्पित किया।
सम्मेलन में पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कार्यकर्ता संगठन के नींव का पत्थर है और कार्यकर्ताओं का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने प्रदेश में संचालित की जा रही योजनाओं का प्रचार करने के लिए कहा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि भाजपाइयों ने पहले राम के नाम पर जनता को ठगा और अब गंगा के नाम पर ठगने का काम शुरू कर दिया है। जिस नमामि गंगा योजना के नाम पर केंद्र सरकार होहल्ला कर रही है, उस योजना में प्रदेश को एक भी पैसा नहीं मिला। प्रदेश प्रभारी संजय कपूर ने कहा कि विधानसभा चुनाव 2017 में फिर कांग्रेस की सरकार बनानी है और प्रदेश के हर गांव का विकास करना कांग्रेस का एक मात्र लक्ष्य होना चाहिए। सम्मेलन सात घंटे तक चला।
संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने किया। इस अवसर पर कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता मथुरा प्रसाद जोशी, प्रवक्ता लखपत बुटोला, राजा चौहान, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य, विजयपाल सजवाण, मदन बिष्ट, डा. एपी मैखुरी, सहित कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद थे।
नौ प्रस्ताव किए पारित
आपदा में बेहतर कार्य और कई विकास योजनाओं को संचालित करने के लिए प्रदेेश की हरीश रावत और विजय बहुगुणा सरकार को धन्यवाद सहित नौ प्रस्ताव पारित किए गए। नमामि गंगे, ग्रामीण स्वच्छता अभियान, अर्द्धकुंभ, ग्रीन बोनस आदि योजनाओं में एक भी पैसा राज्य को न दिए जाने पर केंद्र के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया।
इसके साथ ही सांप्रदायिक और आतंकवादी ताकतों के खिलाफ एकजुट होने आदि प्रस्ताव पारित किए गए। प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने हिमालयी संरक्षण की नीति तैयार करने का प्रस्ताव रखा, जिसे ध्वनिमत से पास कर दिया गया।
नहीं पहुंचा एक भी काबीना मंत्री
रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस के प्रांतीय सम्मेलन में कांग्रेस सरकार का एक भी काबीना मंत्री नहीं पहुंचा। हालांकि मुख्यमंत्री करीब तीन बजे सम्मेलन में पहुंचे।